सहकारिता मंत्री ने और बेहतर परिणामों के लिए प्रशिक्षण मे तेजी लाने को कहा

प्रदेश में इस बात का डंका है कि सहकारिता विभाग में जिस तरह के बदलाव व प्रगति इन चार सालों में हुई वह अपूर्व है। जाहिर तौर पर इससे पूर्व सहकारिता को एक सुस्त और खानापूर्ति वाला विभाग माना जाता रहा। सरकारों का अपेक्षित रिस्पांस भी इसे संभवतः नहीं मिल पाया। लेकिन हाल के वर्षों में सहकारिता ने जिस तरह से प्रगति की राह पकड़ी है निसंदेह ही वह सराहनीय है। जानकारों की राय में सहकारिता मंत्री डा धन रावत के प्रयासों से इस महकमे में प्राण आए, और अच्छी बात यह है कि जमीनी स्तर पर लोगों को इसका लाभ भी मिल रहा है।
अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आईसीएम देहरादून पहुंच कर प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड के नवनिर्वाचित बोर्ड को संबोधित करते हुए कहा कि यूनियन सहकारिता के प्रशिक्षण के मामले में तेजी लाएं और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करें। उन्होंने नवनिर्वाचित बोर्ड को भरोसा दिया कि सरकार उनके कामों को सहयोग प्रदान करेगी।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा है की सहकारिता विभाग ने साढ़े 4 साल में तमाम तरह के प्रदेश में बदलाव लाए हैं, कॉपरेटिव बैंक, एनपीए की अच्छी वसूली की है तथा पारदर्शिता से आईबीपीएस के माध्यम से नियुक्तियां कराई गई हैं काफी संख्या में नई बैंक शाखाएं खोली हैं 13 महिला शाखाएं प्रदेश में खोली गई है। डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने पैक्स कंप्यूटराइजेशन कराया है यानी न्याय पंचायत स्तर पर सहकारिता विभाग कंप्यूटरीकृत हो गया है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड
में 32 लाख लोग कॉपरेटिव से जुड़े हुए हैं। 5 लाख किसानों को ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है, जो प्रदेश सरकार का किसानो के लिए ऐतिहासिक निर्णय है।

कहा इस विधानसभा सत्र में सहकारिता समिति अधिनियम, सहकारिता समिति कर्मचारी सेवा नियमावली लाई जायेगी। तथा सहकारिता का ढांचा बनाया जाएगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों से मंडवा, झंगोरा, सोयाबीन, राजमा आदि उत्पादों को किसानों से उचित मूल्य पर लेने के लिए राज्य सहकारी संघ को निर्देशित किया। जिससे किसानों की आय 2022 में दोगुनी हो सके तथा राज्य सहकारी संघ को बाजार मिल सके।
यूनियन के उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र सिंह बिष्ट कहा कि कॉपरेटिव की राज्य में पहचान बनी है कॉपरेटिव की तमाम संस्थाएं जनता को लाभ दे रही हैं। यूसीएफ के चेयरमैन श्री मातबर सिंह रावत ने कहा कि पहाड़ों पर कॉपरेटिव के जरिये महिलाओं को 55 हज़ार की दुधारू गाय 5 हज़ार में मिल रही है।

यूनियन के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण मेहरोत्रा, उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र सिंह बिष्ट, श्री सुभाष रमोला, श्री प्रदीप चौधरी, श्री मनोज सिंह सामंत, श्रीमती शांति देवी, उधमसिंह नगर से श्रीमती ममता मेहरोत्रा, श्री गोपाल सिंह बोरा, श्रीमती सुप्रिया चौहान, राजेंद्र सिंह,श्री सार्थक त्रिपाठी, श्री सुरेंद्र सिंह, श्री पकर्णवीर सिंह, श्री चंद्र सिंह थापा मौजूद थे। बोर्ड की बैठक में नेशनल कॉपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) के लिये राज्य से निदेशक श्री प्रदीप चौधरी का नाम चयनित किया गया।

About The Singori Times

View all posts by The Singori Times →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *