- समारोह में गांव के प्रति सम्मान, समर्पण व सौहार्द का दिखा अद्भुत समागम
- गांव की प्रगति और विकास को लेकर एकजुटता व आपसी समन्वय का लिया संकल्प
- नई कार्यकारिणी के गठन, युवाओं की सहभागिता व भविष्य में आयोजन की भव्यता को लेकर भी हुई चर्चा

देहरादूनः कठूली ग्राम स्वयं सेवी संस्था की पहल पर आयोजित नववर्ष मिलन समारोह में कठूलीवासियों ने अपनी एकता और समाजहित में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। यहां हर वर्ष आयोजित होने वाले मिलन समारोह को भव्य स्वरूप देने की बात हुई तो एक दूसरे के सुख दुख के कुशल क्षेम पर भी खूब बातचीत हुई।
रिंग रोड स्थित वैडिंग प्वांइट में आयोजित समारोह में गांव के उद्यमी ताजन सिंह नेगी ने बतौर अध्यक्ष शिरकत की। उन्होंने देहरादून में रह रहे सभी कठूलीवासियों को एकजुट रहने और सामाजिक गतिविधियों में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करने आह्वान किया। साथ ही युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के प्रयासों पर भी बल दिया। संस्था के अध्यक्ष हर्ष सिंह रावत ने संस्था की अब तक हुई गतिविधियों पर रोशनी डाली, साथ ही गांव में हुई विकास व सामूहिक कार्यों जैसे रामलीला, मां भराड़ी की पूजा में सहभागिता को गंाव की एकता सूत्र बताया।

संस्था के महासचिव सिताब सिंह राणा ने संस्था की नई कार्यकारिणी गठित करने तथा सभी गतिविधियों में युवाओं का भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। कैप्टन बंसीलाल ने देहरादून के अलावा अन्य शहरों में रहने वाले लोगों से एकजुटता की अपील की। साथ ही गांव ही पहचान बनी रहे ऐसे प्रयासों की जरूरत बताई। संस्था की कार्यकारी समिति का गठन कर प्रत्येक तीसरे माह बैठक आयोजित पर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर सभी उपस्थित कठूली की मातृशक्ति व अन्य लोगों ने आपसी समन्वय स्थापित कर गांव हित में कार्य किए जाने और भविष्य में मिलन समारोह के आयोजन को भव्य रूप देने हेतु अधिक अधिक तादाद में कठूलीवासियों से अपील की। समारोह में कलम सिंह, भरत सिंह, त्रिवेंद्र सिंह, पूरण सिंह नेगी, शोभन सिंह, रूप सिंह, अंजू सिंह, उमा रावत, सुमित्रा राणा, लक्ष्मी देवी, सुनीता थपलियाल, बबीता नेगी, अमर सिंह, विमल रावत, किशन सिंह, शिव प्रसाद थपलियाल आदि ने विचार रखे। सभी लोगों ने बारी बारी अपना परिचय दिया। संचालन वीरेंद्र नेगी ने किया।
समारोह में कईयों की पहली बार मुलाकात हुई वहीं कई पुराने साथी सालों बाद एक दूसरे से मिले तो तब माहौल में उल्लास और गदगद भावनाओं का अदभुत संगम देखा गया। सौहार्द और गांव के प्रति सम्मान व समर्पण की भावनाओं के यह उफान कठूली के मिलन समारोह को सफलता के चरम तक ले गया।

