सख्त निर्देश, पहली मार्च से मरीजों का अनिवार्य रूप से करें ऑनलाइन पंजीकरण

 

– पहली मार्च से अनिवार्य रूप से प्रभावी होगी व्यवस्था, सचिव ने जारी किए निर्देश

देहरादून, सचिव आयुष, श्रीमती रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आयुष विभाग के महत्वपूर्ण एजेन्डा बिंदुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निदेशक आयुर्वेद डॉ. विजय कुमार जोगदंडे सहित समस्त जनपदों के आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी अधिकारियों और संयुक्त निदेशकों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में सचिव महोदया ने सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों में रोगी पंजीकरण की व्यवस्था को पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल पर स्विच किया जाए, जिसे आगामी 01 मार्च, 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को प्रतिमाह न्यूनतम 8 चिकित्सालयों का अनिवार्य निरीक्षण करने और दवाओं के स्टॉक रजिस्टरों को नियमित रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए, जिन्हें भविष्य में ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया जाएगा।

बैठक के दौरान 10/25 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों, जैसे कि मुनिकीरेती, कोटद्वार, झाझरा, बडकोट और चंबा आदि में उच्चीकरण एवं उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही, आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत 1909 कार्मिकों के प्रशिक्षण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। सचिव महोदया ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में नवीन चिकित्सालयों के निर्माण संबंधी प्रस्तावों के औचित्य और जनपदों द्वारा प्रेषित कार्मिकों के अचल संपत्ति प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की।

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