तंबाकू मुक्त समाज के लिए जन सहभागिता जरूरी

 

राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एम जे रेसीडेंसी देहरादून में एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बालाजी सेवा संस्थान के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कोटपा अधिनियम का क्रियान्वयन और तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की रोकथाम सुनिश्चित करना है।

कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, सी ओ सदर अंकित कंडारी, उप सचिव सीबीएसई सुनीता कश्यप, बालाजी सेवा संस्थान से अवधेश कुमार एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर सीएमओ डॉ शर्मा ने कहा कि विभागीय स्तर पर कोटपा कानून का क्रियान्वयन किया जा रहा है। फील्ड एक्टिविटी के तहत अर्थदंड और चालान किए जा रहे हैं। किंतु हमें जागरूकता, शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से घर घर तक संदेश को पहुंचाना होगा और तम्बाकू निषेध को जन सहभागिता का अभियान बनाना होगा।

इस अवसर पर पुलिस विभाग से सीओ अंकित कंडारी ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से वे प्रयास करेंगे कि कोटपा अधिनियम का अनुपालन समुदाय स्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि चालान और अर्थदंड को बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर सीबीएसई से सुनीता कश्यप ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शैक्षिक संस्थानों में कोटपा एक्ट और ToFEI गाईडलाइन का अनुपालन करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ निधि रावत, बालाजी सेवा संस्थान के निदेशक अवधेश कुमार आदि ने अनुभव और विचार साझा किए। सीमा डेंटल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ ज्योत्सना सेठ, बालाजी से ममता थापा ने कार्यशाला में कोटपा अधिनियम और ToFEI गाईडलाइन की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यशाला में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम से सलाहकार अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल सहित पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य सुरक्षा, एम्स ऋषिकेश, परिवहन विभाग, केंद्रीय विद्यालय, आबकारी विभाग, श्रम विभाग, रेलवे, कर विभाग एवं मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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